खामोश हूं पर अंजान नहीं
सब जानकर भी चुप हु पर अंजान नहीं
क्यों लोग इन खामोशियों को रशक़त समजते हैं
क्या मसला है उनको मेरी आवाज़ की गैर मौज़ूदगी से
इसी निश्चलता से तो जुडा हुआ हूं सबसे
इसीलिए सब जानने के बावजूद भी में अंजान नहीं
रवैया तबदील नहीं हुआ, बस चुप्पी हमारी फितरत बन चुकी है
लोगों की गेहराई आंकना सिखाती है ये चुप्पी
कौन अपना है और कौन पराया, यही तो ऐहसास दिलाती है चुप्पी
यही तो नेकी है इस चुप्पी की
इसीलिए सब जानने के बावजूद भी में अंजान नहीं
रात गुज़री दिन आया हम गए कोई और आया
कल तक हम उनके तरज़ीह थे आज कोई और है
फिर रात होगी फिर कोई और आएगा, ये सिलसिला युही चलता जाएगा
बोहोत उलज गए तुमहारी इन लज़ीज बातो में, आने वाला भी फसेगा इन बनावटी बातो में
इसीलिए सब जानने के बावजूद भी में अंजान नहीं
क्यों तवज्जोह देते है लोग इन फ़र्ज़ीओ को
क्यों बावले बनते है इनकी मीठी बातो से
नज़रिया तबदीली रग में है उनके, मत जा पगले तज़ुर्बा है हमे
क्यों बनता है बेख़बर मेरे केहने पर भी
में भी फसा था तू भी फसेगा सब जानकर भी
इसीलिए सब जानने के बावजूद भी में अंजान नहीं
मक़बूल बनाके रखेंगें नहीं जाने देंगे दूर
बेहलायेंगे फिसलाएँगे करेंगें सब से दूर
चुगलखोरी करेंगें कर देँगे सब से दूर
में भी फसा था तू भी फसेगा सब जानकर भी
इसीलिए सब जानने के बावजूद भी में अंजान नहीं
खामोश हूं पर अंजान नहीं
सब जानकर भी चुप हु पर अंजान नहीं।
14 comments:
Bawaal. ❤ Words !!!
Ak dam majboot mara Bhai
Love it, Awesome bro.
What a wonderful hidden talent you have brother.
You were amazing brother ❤️
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Love it, awesome bro !!!
You were amazing brother ❤️
Just amazing 💯⭐❤
Just amazing 💯⭐❤
Wonderful 🎈❤️
True said 😍
True words 🥰🥰🥰
Nice 100 %🤩
Roj bapore a jor jor thi boom pade che ... Kai Bhangar aapvano che ... ???
Ketli vakhat mane am thay che k Lav puchi j lau ...
Aa adhuri ichhao and tutela Sapna ni su kimmat aapso ... ??? 🥺🥺🥺
Bahut hi bararsast.....💜💜💜💜💜💜
Kahi jo ye tune bate hai,
Yahi jo meri sikhayate hai...💙💙💙💙
Very very well written bro...
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